Sunday, November 1, 2015

ढूंढ रहा हूँ तुम्हे

ये दुनिया है बहोत बड़ी, कल तुम कहा में कहा पता नहीं
एक तलाश में मैं निकला हूँ आज , पता नहीं तुम मिलोगे या नहीं

यहाँ है हम, वहा हो तुम, कहा हो तुम पता नहीं
सफर में मैं निकल चूका हु बस रास्ते का मुझे पता नहीं

दिल ढूंढता है आज भी तुम्हे, बता तो दो तुम मिलोगे या नहीं
अगर सुन रही हो मुझे, मिल जाना मुझे यही कही

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